blogid : 19157 postid : 1374766

जानें क्यों और कितनी बार करनी चाहिए परिक्रमा, विज्ञान भी मानता है इसकी शक्ति

Posted On: 16 Dec, 2017 Others में

Shilpi Singh

  • SocialTwist Tell-a-Friend

आपने हमेशा लोगों को पूजा की थाली या धूप बत्ती लिए पेड़ या मंदिर के गोल-गोल चक्कर लगाते हुए देखा होगा। कोई एक चक्कर, कोई दो तो कोई सात चक्कर लगाता हैय़ मंदिरों में ही नहीं बल्कि गुरुद्वारों में भी पाठ के बाद लोग चक्कर लगाते हैं। इतना ही नहीं, लोग सुबह-सुबह सूर्य पूजा के दौरान भी गोल-गोल घूमने लग जाते हैंय़ क्या कभी आपने सोचा है कि ऐसा वो क्यों करते है? क्यों लोग मंदिरों गुरुद्वारों के चक्कर लगाते हैं। श्रृद्धालुओं की मानें तो उनके अनुसार ऐसा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, लेकिन आपको बता दें इसके पीछे कई और कारण भी है।


cover temple

जानें क्या है मान्यता

ऐसी मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने और पूजा करने के बाद परिक्रमा करने से सारी सकारात्मक ऊर्जा शरीर में प्रवेश करती है और मन को शांति मिलती हैय़ साथ ही यह भी मान्यता है कि नंगे पांव परिक्रमा करने से अधिक सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

Parikrama

क्या कहती है धार्मिक मान्यता

वहीं, धार्मिक मान्यता के अनुसार जब गणेश और कार्तिक के बीच संसार का चक्कर लगाने की प्रतिस्पर्धा चल रही थी तब गणेश जी ने अपनी चतुराई से पिता शिव और माता पार्वती के तीन चक्कर लगाए थे। इसी वजह से लोग भी पूजा के बाद संसार के निर्माता के चक्कर लगाते हैं। उनके अनुसार ऐसा करने से धन-समृद्धि होती हैं और जीवन में खुशियां बनी रहती हैं।


parkkrana

परिक्रमा करने की सही दिशा के विषय में माना गया है कि हमेशा परिक्रमा करते वक्त भगवान दाएं हाथ की तरफ होने चाहिए। यानी परिक्रमा घड़ी की सुई की दिशा में करनी चाहिए। यह भी माना जाता है कि परिक्रमा 8 से 9 बार करनी चाहिए।…Next

Read More :

आपके घर में है ‘मनीप्लांट’ तो भूल से भी न करें ये गलतियां

समुद्र शास्त्र: अगर इस उंगली पर है तिल मिलता है प्यार, दौलत और शोहरत

गरूड़पुराण : पति से प्रेम करने वाली स्त्रियां भूल से भी न करें ये 4 काम



Tags:                   

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran