blogid : 19157 postid : 1340192

रामायण की वो घटना जिसमें शूर्पणखा ने अपने भाई रावण को दिया था श्राप

Posted On: 14 Jul, 2017 Religious में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

रामायण में रावण का चरित्र नकारात्मक होते हुए भी वह ज्ञानी और पराक्रमी योद्धा कहलाता था. रावण के पराक्रम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने कई देवी-देवताओं को भी अपने वश में कर रखा था. उसने अपने जीवनकाल में कई युद्ध अकेले ही जीत लिए थे. अक्सर हमारे मन में यह विचार आता है कि जब रावण इतना ही पराक्रमी था, तो उसका नाश क्यों हुआ?


supanakha 1

रावण का नाश होने में प्रभु राम की शक्ति तो थी ही, पर एक बात और भी थी जो रावण के विनाश का कारण बनी. वो था रावण की बहन शूर्पणखा का दिया हुआ श्राप. जिसकी वजह रावण ही नहीं बल्कि उसके पूरे कुल का नाश हो गया. अब ऐसे में मन में एक सवाल उठता है कि रावण तो अपनी बहन को बहुत प्यार करता था फिर उसने अपने ही भाई को श्राप क्यों दिया?

आइए, जानते हैं इसके पीछे की कहानी.



supanakha


शूर्पणखा राजा कालकेय के सेनापति से करती थी प्रेम

कहा जाता है कि विद्युतजिव्ह राजा कालकेय का सेनापति था. रावण हर राज्य को जीतकर अपने राज्य में मिलाना चाहता था इस कारण रावन ने कालकेय के राज्य पर चढ़ाई कर दी थी. कालकेय का वध करने के बाद रावण ने विद्युतजिव्ह का भी वध कर दिया था. कहा जाता है कि रावण ये बात नहीं जानता था कि उसकी बहन कालकेय सेनापति विद्युतजिव्ह से प्रेम करती है, इस वजह से रावण ने उसका भी वध कर दिया. जबकि कई पौराणिक कहानियों में माना जाता है कि रावण जानता था कि उसकी बहन को विद्युतजिव्ह से प्रेम है इसी कारण उसने उस योद्धा की हत्या कर दी.


ramayan


शूर्पणखा ने दिया था श्राप

शूर्पणखा को जब अपने भाई के इस कृत्य के बारे में पता चला तो वो क्रोध और दुख के मारे विलाप करने लगी और उसने दुखी मन से रावन को श्राप दिया कि मेरे कारण ही तुम्हारा सर्वनाश होगा और जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सीता हरण में शूर्पणखा ने सबसे मुख्य भूमिका निभाई थी. … Next



Read More :

अर्जुन से नहीं कर्ण से करना चाहती थी द्रौपदी विवाह, पढ़िए महाभारत की अनोखी प्रेम कहानी

महाभारत की इन 10 जगहों के हैं आज ये नाम, जानेंं खास बातें

महाभारत के युद्ध में बचे थे केवल 18 योद्धा, जानिए इस अंक से जुड़े आश्चर्यजनक रहस्य



Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran