blogid : 19157 postid : 1338968

सावन विशेष: इस मंदिर में विराजमान हैं करोड़ो शिवलिंग, पौराणिक कहानी में छुपा है रहस्य

Posted On: 10 Jul, 2017 Religious में

Shilpi Singh

  • SocialTwist Tell-a-Friend

यूं तो आपने महादेव के कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे और उनके कई रूप भी देखे होंगे, लेकिन अगर मंदिर का आकार ही महादेव की महिमा सुनाए और मंदिर के हर कोने में आपको भगवान शिव के होने का आभास हो तो आपको कैसा लगेगा. कर्नाटक के कोलार जिले में दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग मौजूद है, जिसके चारों तरफ मौजूद करोड़ों शिवलिंग, शिव के प्रति उनके भक्तों की भक्ति की अनूठी कहानी सुनाते हैं.



cover shiva

ऐसे हुई थी इसकी स्थापना

मान्यताओं की मानें तो जब भगवान इंद्र को गौतम नाम के एक ज्ञानी ने श्राप दिया था तो उन्होंने इस श्राप से मुक्ति पाने के लिए कोटिलिंगेश्वर मंदिर में शिवलिंग को स्थापित किया था. श्राप से मुक्ति पाने के लिए इंद्र ने 10 लाख नदियों के पानी से शिवलिंग का अभिषेक किया था और तब से लेकर आज तक ये शिवलिंग यही पर विराजमान है.



sv



दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग

कर्नाटक के कोलार जिले के एक छोटे से गांव काम्मासांदरा में बसा है कोटिलिंगेश्वर धाम. मंदिर के शिवलिंग की ऊंचाई 108 फीट है. मंदिर के चारों ओर करीब 1 करोड़ छोटे-छोटे शिवलिंग भी स्थापित किए गए हैं. शिवलिंग के पास 35 फीट ऊंचाई वाले नंदी, 4 फीट ऊंचे और 40 फुट चौड़े चबूतरे पर स्थापित है.


shiv

भक्त भी स्थापित करते हैं शिवलिंग

यहां पर आए दिन शिवलिंग की संख्या बढ़ती है. दरअसल इस मंदिर में आने के बाद जिनकी मान्यताएं पूरी हो जाती है वो लोग यहां आकर शिवलिंग की स्थापना करते हैं और यही कारण है जो इस मंदिर में अब तक करीब 1 करोड़ से ज्यादा शिवलिंग स्थापित हो गए हैं.



kota1

नंदी की ऊंचाई भी है 35 फीट

इस मंदिर की खासियत यह है कि भगवान शिव के आगे नंदी की मूर्ति यहां के दृश्य को और विशालकाय बनाती है. नंदी की मूर्ति करीब 35 फीट है और वह 60 फीट लंबे, 40 फुट चौड़े और 4 फीट ऊंचे चबूतरे पर स्थित है. इस विशाल शिवलिंग के चारों ओर देवी मां, श्री गणेश, श्री कुमारस्वामी और नंदी महाराज की प्रतिमाएं हैं.


Nandi

महाशिवरात्रि में इस मंदिर में भीड़ दोगुनी हो जाती है. श्रद्धालुओं की संख्या 2 लाख तक पहुंच जाती है. दूर-दूर से लोग यहां उनके दर्शन के लिए आते हैं…Next


Read More:

क्यों चढ़ाया जाता है शिवलिंग पर दूध, समुद्र मंथन से जुड़ी इस रोचक कहानी में छुपा है रहस्य

इस राक्षस की हड्डियों से बना था शंख इसलिए शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता इससे जल

भगवान शिव से घृणा करता था भीम, उसके वध के बाद यहां स्थापित हुआ शिवलिंग



Tags:                         

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran