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आखिर क्यों रहते हैं भगवान शिव श्मशान में! जानें इसके पीछे की कहानी

Posted On: 19 Apr, 2017 Religious में

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हिन्दू धर्म में शिव उपासना का विशेष महत्व है, कहते हैं किसी भी प्रकार की समस्या क्यों ना हो, शिवजी की पूजा से सभी संकट दूर हो जाते हैं. यूं तो शिव के हर रूप के पीछे कोई ना कोई रहस्य छिपा है, लेकिन हिन्दू कथाओं के अनुसार भगवान शिव को श्मशान घाट से भी बेहद लगाव है, साथ ही वो अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं.


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क्यों प्रिय है शिव को श्मशान घाट

भगवान शिव ने मनुष्य की मोह माया की दुनिया से दूर रहने के लिए श्मशान घाट को चुना है, जिससे वह वहां पर ध्यान कर सकें. श्मशान घाट ही एक मात्र ऐसी जगह है जहां वास्तव में आत्मा शरीर से मुक्त होती है, इसलिए भगवान शिव श्मशान घाट पर रहते हैं.


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क्यों है भूत-प्रेत शिव के गण?

शिव को संहार का देवता कहा गया है, यानि जब कोई पाप की सीमा को लांघ देता है तो शिव उसका संहार कर देते है. इसलिए शिव को भूत – प्रेतों का देवता भी कहा जाता है.


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शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं

शिव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं. कहते हैं शरीर पर भस्म लगाकर भगवान शिव खुद को मृत आत्मा से जोड़ते हैं. भगवान शिव अपना परिवार होते हुए भी श्मशान में इसलिए रहते हैं, क्योंकि, उनके अनुसार मरने के बाद मृत व्यक्ति को जलाने के पश्चात बची हुई राख में उसके जीवन का कोई कण शेष नहीं रहता. ना उसके दुख, ना सुख, ना कोई बुराई और ना ही उसकी कोई अच्छाई बचती है.



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क्या कहता है भगवान शिव का पहनावा

भगवान शिव अपने गले में जहरीले सांप को माला के रूप में पहनते हैं. शिव का ये पहनावा बताता है कि हमें किस तरह से अपने जीवन को संतुलित बनाकर चलना है…Next



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