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भागवतपुराण में वर्णित ये 10 भविष्यवाणियां बताती है कि कलियुग अपने चरम पर कब होगा

Posted On: 23 Feb, 2016 Religious में

Pratima Jaiswal

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किसी भी हिंसक गतिविधि या मनुष्य के नैतिक मूल्यों के पतन को गिरते हुए देखकर, हमारे मुख से अक्सर ये बात निकलती है कि घोर कलियुग है. कहीं न कहीं मुख से निकली ये बात सत्यता के बहुत निकट होती है. दूसरी ओर ऐसा भी माना जाता है कि हमारे वेद और पुराणों में भविष्य में होने वाली सभी घटना के बारे में पहले से ही भविष्यवाणी की जा चुकी है. ‘भागवतपुराण’ में कलियुग के विषय में कई भविष्यवाणियां वर्णित है. आइए हम आपको बताते हैं ‘भागवतपुराण’ में वर्णित 10 भविष्यवाणियां.


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1.  श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.1 के अनुसार जब धर्म, स्वच्छता, सत्यता, दया, शारीरिक शक्ति, स्मरण शक्ति आदि की दिन- प्रतिदिन हानि होगी तब कलियुग अपने चरम पर होगा.

2. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.5 के अनुसार धन, दौलत से किसी भी व्यक्ति के सम्मान को जोड़कर देखे जाने लगेगा. पाखंड से किसी भी कार्य को पूरा करने की कुरीति को उस मनुष्य का गुण माना जाने लगेगा. तब कलियुग अपने चरम पर होगा.

3. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.3 के अनुसार जब पुरूष और स्त्री केवल शारीरिक आकर्षण के कारण एक दूसरे के साथ रहने लगेगे. व्यवसाय की सफलता छल- कपट करके मिलने लगेगी. पुरूषत्व और स्त्रीत्व को केवल यौन क्रिया से जोड़कर ही देखा जाने लगेगा, और एक पुरूष को केवल जनेऊ पहनने से ही ब्राह्मण समझा जाएगा. तब कलियुग अपने चरम पर होगा.

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4. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.7 के अनुसार जब धरती भ्रष्ट लोगों की संख्या से भर जाएगी और राजनीतिक शक्ति पाने के लिए सभी समुदायों में कलह और हिंसक गतिविधियां होने लगेगी तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.

5. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.11 के अनुसार जब किसी भी सामान्य मनुष्य की जीवन प्रत्याशा (अधिकतम आयु) केवल 50 वर्ष रह जाएगी तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.


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6. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.3.42 के अनुसार जब पुरूष अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा को बोझ समझकर असमर्थ साबित होगा तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.

7. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.3.41 के अनुसार जब मात्र कुछ सिक्कों के लिए मनुष्य एक दूसरे से घृणा करने लगेंगे और धन की कामना के लिए अपने प्रियजनों को छोड़ने, यहां तक की उनकी हत्या करने से भी नहीं चूकेगें तो ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.

8. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.3.38 के अनुसार जब मनुष्य भगवान के नाम पर दान लेने को अपना व्यवसाय बना लेगा और धर्म का ज्ञान न रखने पर भी साधुओं जैसे वस्त्र धारण करेगा तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.


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9. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.3.36 के अनुसार जब गायों को पशुओं पर अत्याचार बढ़ जाएगा. जब गायों को दूध न देने की स्थिति में सड़क पर अकेला छोड़ दिया जाएगा. इसके अलावा उनकी हत्या बढ़ जाएगी तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.

10. श्रीमद भागवत के श्लोक 12.2.10 के अनुसार जब गर्मी, सर्दी बरसात आदि मौसम में समय के अनुसार परिवर्तन न होकर अचानक असहनीय परिवर्तन होगा और मौसम के कारण मनुष्यों की जान जाने लगेगी. तब ऐसी स्थिति में कलियुग अपने चरम पर होगा.



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Anand Sharma के द्वारा
February 23, 2016

बल, बुद्धी और विद्या से ही, सत का युग आता है, नही तो, फिर वक्त बदल जाता है..

Madan Mohan saxena के द्वारा
February 26, 2016

बहुत ही सुन्दर लिखा आपने बधाई कभी इधर भी पधारें

anil sharma के द्वारा
March 26, 2016

अच्छ लेख ह


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