blogid : 19157 postid : 1128765

भगवान शिव को कच्चा दूध और श्रीकृष्ण को इसलिए चढ़ाया जाता है माखन, इस तथ्य में छुपा है रहस्य

Posted On: 6 Jan, 2016 Religious में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार अधिकतर देवी-देवताओं को कोई ऐसी चीज चढ़ाई जाती है जो उन्हें प्रिय होती है जैसे नवरात्रों में दुर्गा मां को लाल चुन्नी चढ़ाई जाती है. भगवान गणेश को मोदक, भगवान शिव को कच्चा दूध और श्रीकृष्ण को मक्खन यानि माखन चढ़ाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी इस ओर ध्यान दिया है कि भगवान शिव और श्रीकृष्ण दोनों को दूध पसंद है लेकिन दूध की अवस्था अलग है. जहां भगवान शिव को दूध की प्रथम अवस्था ‘कच्चा दूध’ प्रिय है वहीं दूसरी तरफ श्रीकृष्ण को दूध की अंतिम अवस्था यानि ‘मक्खन’ या माखन प्रिय है.


shiv and krishna


Read : पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए श्री कृष्ण ने किया इन्द्र के साथ युद्ध जिसका गवाह बना एक पौराणिक वृक्ष….


जिस तरह संसार में मौजूद हर एक चीज का कारण होता है उसी प्रकार पौराणिक कथाओं और मान्यताओं का भी एक आधार होता है. जिसे अगर सही दिशा में सोचा जाए तो पुराणों मे छुपी कई कहानियों के तथ्य मिलते हैं. भगवान शिव को कच्चा दूध चढ़ाने के पीछे ये तथ्य है कि भगवान शिव को किसी भी जीव या वस्तु की प्राकृतिक अवस्था प्रिय है. जैसे कच्चा दूध, दूध की प्रथम अवस्था है. इसका मानवीकरण करें तो जिस प्रकार शिशु जन्म लेता है उसे सांसरिक बधनों या माया से कुछ लेना-देना नहीं होता. यानि वो प्रकृति के सबसे समीप रहता है. इसी तरह बिना किसी मिलावट और नकरात्मक तत्व रहित कच्चा दूध शिव को प्रिय है.

Read : मरने से पहले कर्ण ने मांगे थे श्रीकृष्ण से ये तीन वरदान, जिसे सुनकर दुविधा में पड़ गए थे श्रीकृष्ण


इसी प्रकार श्रीकृष्ण को मक्खन प्रिय है जो कि दूध की अंतिम अवस्था है. जिस प्रकार मनुष्य जन्म के बाद से जीवन के कई पड़ावों से गुजरते हुए, कई अनुभवों को लेकर अपने जीवन की चरम अवस्था तक पहुंचता है. यानि वो अंत में सभी प्रकार की मोह-माया और बंधनों से मुक्त होकर मक्खन या माखन जैसी शुद्ध अवस्था तक पहुंचता है. इसलिए श्रीकृष्ण को संसार में रहते हुए भी उसके मोह में न पड़ने वाले मनुष्य बहुत प्रिय होते है…Next

Read more :

क्यों सोमवार को ही भगवान शिव की पूजा करना अधिक लाभदायक है?

शिव भक्तों के लिए काँवड़ बनाता है ये मुसलमान

ऐसा क्या हुआ था कि विष्णु को अपना नेत्र ही भगवान शिव को अर्पित करना पड़ा? पढ़िए पुराणों का एक रहस्यमय आख्यान



Tags:                               

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran