blogid : 19157 postid : 1125385

वामन पुराण के अनुसार देवी पार्वती ने जन्म दिया था राक्षस को, शिव ने किया था वध

Posted On: 26 Dec, 2015 Religious में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

शिव पार्वती के पुत्रों के रूप में कार्तिक और गणेश का नाम सभी लोग जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों के अलावा उनका एक पुत्र और भी था जो किसी देवता या भगवान के रूप में नहीं बल्कि राक्षस के रूप में जाना जाता है. वामन पुराण के अनुसार शिव- पार्वती के पुत्र कार्तिक और गणेश के अलावा अंधक नाम के पुत्र के जन्म की कहानी मिलती है. इस कहानी के अनुसार एक बार भगवान शिव और माता पार्वती घूमते हुए काशी पहुंच गए. वहां पर भगवान शिव अपना मुंह पूर्व दिशा की ओर करके बैठे थे. उसी समय पार्वती ने पीछे से आकर अपने हाथों से भगवान शिव की आंखों को बंद कर दिया. ऐसा करने पर उस पल के लिए पूरे संसार में अंधेरा छा गया.


Andhaka the son of shiva and parvati

Read : हनुमान ने नहीं, देवी के इस श्राप ने किया था लंका को भस्म


दुनिया को बचाने के लिए शिव ने अपनी तीसरी आँख खोल दी, जिससे संसार में पुनः रोशनी हो गई. लेकिन उसकी गर्मी से पार्वती को पसीना आ गया. उन पसीने की बूंदों से एक बालक प्रकट हुआ. उस बालक का मुंह बहुत बड़ा था और भंयकर था. उस बालक को देखकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसकी उत्पत्ति के बारे में पूछा. भगवान शिव ने पसीने से उत्पन्न होने के कारण उसे अपना पुत्र बताया. अंधकार में उत्पन्न होने की वजह से उसका नाम अंधक रखा गया. कुछ समय बाद दैत्य हिरण्याक्ष के पुत्र प्राप्ति का वर मागंने पर भगवान शिव ने अंधक को उसे पुत्र रूप में प्रदान कर दिया. अंधक असुरों के बीच ही पला बढ़ा और आगे चलकर असुरों का राजा बना. अंधक ने तपस्या करके ब्रह्मा जी से वरदान मांग लिया था की वो तभी मरे जब वो यौन लालसा से अपनी माँ की और देखे. अंधक ने सोचा था की ऐसा कभी नहीं होगा क्योकि उसकी कोई माँ नहीं है. वरदान मिलने के बाद अंधक देवताओं को परास्त करके तीनो लोकों का राजा बन गया.


Read : अपनी पुत्री पर ही मोहित हो गए थे ब्रह्मा, शिव ने दिया था भयानक श्राप


फिर उसे लगा की अब उसके पास सब कुछ है इसलिए उसे शादी कर लेनी चाहिए. उसने तय किया की वो तीनो लोकों की सबसे सुन्दर स्त्री से शादी करेगा. जब उसने पता किया तो उसे पता चला की तीनो लोकों में पर्वतों की राजकुमारी पार्वती से सुन्दर कोई नहीं है. जिसने अपने पिता का वैभव त्याग कर शिव से शादी कर ली है. वो तुरंत पार्वती के पास गया और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा.  पार्वती के मना करने पर वो उसे जबरदस्ती ले जाने लगा तो पार्वती ने शिव का आह्वान किया. पार्वती के आह्वान पर शिव वहां उपस्थित हुए और उसने अंधक को बताया कि तुम पार्वती के ही पुत्र हो. ऐसा कहकर उन्होंने अंधक का वध कर दिया. वहीं दूसरी तरफ वामन पुराण में अंधक को शिव-पार्वती का पुत्र बताया गया है जिसका वध शिव करते है जबकि एक अन्य मतानुसार अंधक, कश्यप ऋषि और दिति का पुत्र था जिसका वध भगवन शिव ने किया था…Next


Read more :

ऐसा क्या हुआ था कि विष्णु को अपना नेत्र ही भगवान शिव को अर्पित करना पड़ा? पढ़िए पुराणों का एक रहस्यमय आख्यान

क्यों सोमवार को ही भगवान शिव की पूजा करना अधिक लाभदायक है?

क्या स्वयं भगवान शिव उत्पन्न करते हैं कैलाश पर्वत के चारों ओर फैली आलौकिक शक्तियों को



Tags:                           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran