blogid : 19157 postid : 1005663

मनुस्मृति: नुकसान से बचना है तो रखें इन पांच बातों का ध्यान

Posted On: 12 Aug, 2015 Religious में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

हिन्दू धर्मशास्त्रों में मनुस्मृति का बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है. मनुस्मृति में मानव जीवन के सभी पहलुओं को विस्तार से बताया गया है. मनुष्य के जीवन में सफलता की नीति से लेकर जीवन के हर एक पहलुओं के बारे में बताया गया है. जानिए मनुस्मृति में बताए कुछ गूढ़ बातों को जिसे जीवन में अपना कर आप सफलता हासिल कर सकते हैं. मनुस्मृति में कहा गया है कि पाँच बातों को अपने वश में करके आप जीवन में हमेशा खुश और सफल रहेंगे.


9788128805943_1

1. शब्द- मुंह से निकला हुआ शब्द वापस नहीं लिया जा सकता, इसलिए इनका प्रयोग सोच-समझ करना चाहिए. कई बार बिना सोचे-समझे बोले गए शब्द से मनुष्य को नुकसान उठाना पड़ता है. आवेश में मनुष्य वे बातें बोल जाता है, जो उसे बिल्कुल नहीं बोलनी चाहिए. इसलिए, मनुष्य को हमेशा ही शब्दों का प्रयोग बहुत सोच-समझकर करना चाहिए.


Read: ऐसे प्रार्थना करने से पूरी हो जाएगी आपकी मुरादें


2. स्पर्श- मनुष्य में कामभाव का होना उसकी प्रकृति होती है. परन्तु कामवासना में पूरी तरह डूब जाना गलत माना गया है. क्योंकि ऐसी दशा में मनुष्य अपने वश से बाहर हो जाता है. जब मनुष्य काम के वश में होता है तब उसे सही-गलत नहीं दिखता है. अत: मनुष्य को कभी ऐसी भावनाओं के अधीन नहीं होना चाहिए.


Hand


3. रूप- मनुष्य को किसी के रूप में इतना भी नहीं खो जाना चाहिए कि कोई रूपवान युवक और रूपवती युवती अपने वश में करके उससे कुछ भी करवा ले. जब इंसान बिना विवेक के अपनी आंखों का उपयोग करता है तो ऐसी स्थिति में वह सही-गलत की पहचान नहीं कर पाता और कई बार दोष का भागी भी बन जाता है.


rural

Read: कभी सोचा है क्यों फेंकते हैं लोग नदियों में सिक्का?


4. रस- मनुष्यों को अपने स्वाद पर काबू रखना चाहिए. खान-पान के लालची मनुष्य हमेशा बीमारियों के गिरफ्त में रहते हैं. जुबान को वश में करने की बजाय वह खुद उसके वश में हो जाते हैं. अतः मनुष्यों को स्वाद के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए.


5. गन्ध- अकसर इंसान किसी चीज के पीछे तीन कारणों से ही पड़ता है, या तो उसका रंग-रूप और आकृति देखकर, उसके स्वाद के कारण या फिर उसकी गंध के कारण. कई बार अच्छी महक वाली वस्तुएं भी स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है. हमें अपनी नाक पर भी नियंत्रण रखना चाहिए.Next…


Read more:

कभी इस प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा के लिये पूजारी तैयार नहीं थे!

पति-पत्नी के वियोग का कारण बनता है इस मंदिर में माता का दर्शन

इस मंदिर में लिंग के रूप में होती है देवी की पूजा!




Tags:                   

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran