blogid : 19157 postid : 952577

कुंभ मेला के पीछे ये हैं ज्योतिषीय और पौराणिक कारण

Posted On: 24 Jul, 2015 ज्योतिष में

Nityanand Rai

  • SocialTwist Tell-a-Friend

13 जुलाई को देश-विदेश से करीब 3 करोड़ श्रद्धालु नासिक पहुंचे. मौका था 2015  के कुंभ मेला के उद्घाटन का. यह मेला 25 सितंबर को वमन द्वादशी स्नान के साथ संपन्न होगा. कुंभ मेला को विश्व का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है जिसमें इतनी संख्या में लोग शांतिपूर्व इकट्ठा होते हैं. देश भर में चार स्थानों पर कुंभ मेला आयोजित किया जाता है. आइए जानते हैं कब, कहां और क्यों आयोजित किया जाता है कुंभ मेला और क्या है इसका महत्व.

India Maha Kumbh


धार्मिक विद्वानों का मानना है कि कुंभ मेला उन जगहों पर आयोजित किया जाता है जहां भगवान विष्णु द्वारा ले जाए जा रहे अमृत कलश से अमृत की बूंदे गिरीं थीं. इस कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय जब देवता और राक्षस मंथन से निकले अमृत कलश की खातिर एक दूसरे से लड़ रहे थे तब भगवान विष्णु अमृत का पात्र लेकर उड़ गए. रास्ते में कलश से अमृत की बूंदे हरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयाग में गिरीं. इन्हीं स्थानों पर कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है. हर तीसरे साल इनमे से किसी एक स्थान पर कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है.


Read: कुंभ मेले में स्नान करते हुए पकड़ी गईं पूनम पांडे

हर स्थान पर 12 साल में एक बार कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है लेकिन हरिद्वार और प्रयाग में हर छठे साल में अर्ध कुंभ का भी आयोजन होता है. नासिक और उज्जैन में अर्ध कुंभ का आयोजन नहीं होता. कुंभ मेला कब कहां मनाया जाए यह बृहस्पति ग्रह और सूर्य की स्थित पर निर्भर करता है.


kumbh-mela


जब सूरज मेष राशि और बृहस्पति कुंभ राशि में आते हैं तो कुंभ मेला हरिद्वार में आयोजित किया जाता है. जब बृहस्पति वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में हो तो प्रयाग में कुंभ मेला काआयोजन होता है. उज्जैन में कुंभ मेला का आयोजन तब होता है जब सूर्य और बृहस्पति दोनो वृश्चिक राशि में होते हैं. और नाशिक में कुंभ का आयोजन बृहस्पति और सूर्य के सिंह राशि में स्थित होने पर किया जाता है.


BL29_NASHIK


जहां हरिद्वार में गंगा किनारे कुंभ मेला का आयोजन किया जाता है वहीं प्रयाग में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वति नदी के संगम तट पर कुंभ का आयोजन किया जाता. नाशिक में कुंभ मेला गोदावरी नदी के किनारे आयोजित किया जाता है वहीं उज्जैन में कुंभ आयोजन करने का स्थान शिप्रा नदी का तट है. Next…

Read more:

क्या सचमुच प्रयाग में होता है तीन नदियों का संगम…जानिए सरस्वती नदी का सच

हिंदू धर्म के विशाल ग्रंथ महाभारत के इन तथ्यों से आज भी अनजान हैं लोग…

क्या स्वयं भगवान शिव उत्पन्न करते हैं कैलाश पर्वत के चारों ओर फैली आलौकिक शक्तियों को



Tags:                           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran