blogid : 19157 postid : 910719

वास्तु-दोष को शांत करना है तो ऐसे करें गणेश की वंदना

Posted On: 19 Jun, 2015 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

गणपति की वंदना कर वास्तु-दोषों को शांत करने का सबसे अच्छा उपाय है. यदि किसी वजह से आपके घर में वास्तु दोष है तो आपको नियमित रूप से गणेश की आराधना करनी चाहिए. मान्यता यह है कि घर के मुख्य द्वार पर यदि एकदंत की प्रतिमा या चित्र लगाया गया हो तो उसके दूसरी तरफ ठीक उसी जगह पर गणेश जी की प्रतिमा लगाए जिनकी पीठ आपस में मिली हो. इस प्रकार से दूसरी प्रतिमा या चित्र लगाने से वास्तु दोषों का शमन होता है. आइए, कुछ ऐसे ही वास्तु दोषों से मुक्ति पाने के उपायों के बारे में जानें.

shriganshji


भवन के जिस भाग में वास्तु दोष हो, उस स्थान पर घी मिश्रित सिन्दूर से स्वस्तिक दीवार पर बनाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है. घर या कार्यस्थल के किसी भी भाग में गणेश की प्रतिमा अथवा चित्र लगाए जा सकते हैं. किन्तु यह ध्यान अवश्य रखें कि किसी भी स्थिति में इनका मुँह दक्षिण दिशा या नैऋत्य कोण में नहीं होना चाहिए.

Read: जानिए भगवान गणेश के प्रतीक चिन्हों का पौराणिक रहस्य


जीवन में सब कुछ अच्छा और सुखमयी हो इसके लिए सिन्दूरी रंग के गणपति की आराधना अनुकूल रहता है. ध्यान रहें कि विघ्नहर्ता की मूर्ति अथवा चित्र में उनके बाएं हाथ की ओर सूंड घुमी हुई हो. दाएं हाथ की ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी हठी होते हैं तथा उनकी साधना-आराधना कठिन होती है. वे देर से भक्तों पर प्रसन्न होते हैं. मंगल मूर्ति को मोदक एवं उनका वाहन मूषक अतिप्रिय है. अतः चित्र लगाते समय ध्यान रखें कि चित्र में मोदक या लड्डू और चूहा अवश्य होना चाहिए.

Read: क्यों पूजा जाता है माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश को साथ-साथ?

घर में बैठे हुए गणेशजी तथा कार्यस्थल पर खड़े गणेश जी का चित्र लगाना लाभकारी रहता है, किन्तु यह ध्यान रखें कि खड़े गणेशजी के दोनों पैर जमीन का स्पर्श करते हुए हों. इससे कार्य में स्थिरता आने की संभावना रहती है. घर के ब्रह्म स्थान अर्थात केंद्र में, ईशान कोण एवं पूर्व दिशा में गणेश की मूर्ति अथवा चित्र लगाना शुभ रहता है. किन्तु टॉयलेट अथवा ऐसे स्थान के पास गणेशजी का चित्र नहीं लगाना चाहिए.Next…




Read more:

मार्शल आर्ट के संस्थापक भगवान परशुराम ने क्यों तोड़ डाला गणेश जी का दांत?

स्वयं गणेश का जीवन ही है शिक्षा की एक खुली किताब, पढ़िए गणपति से जुड़ी ऐसी कथाएं जो हमें जीवन का सही मार्ग दिखाती हैं

कैसे बना एक मूषक गणेश जी की सवारी



Tags:                 

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran