blogid : 19157 postid : 895573

क्यों करते हैं मंदिर की परिक्रमा?

Posted On: 30 May, 2015 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

परंपरागत रूप से भक्त यह मानकर चलते हैं कि किसी भी देवी-देवता की अराधना में मंदिर की परिक्रमा जरूरी होता है. कई भक्त परिक्रमा से प्राप्त फल और विधि जाने बिना ही मंदिर की परिक्रमा करते हैं. धार्मिक ग्रंथों में पूजन विधि के वैज्ञानिक तर्क विद्यमान हैं जिसमें मंदिर की परिक्रमा भी शामिल है. पूजा-पाठ में देवी-देवता की परिक्रमा का महत्व गणेशजी की एक कथा में भी है. जब गणेशजी और कार्तिकेय को पूरे संसार का चक्कर लगाने को कहा गया तो गणेशजी ने शिव और पार्वती जी की परिक्रमा कर कहा कि-आप मेरे माता-पिता हैं और आप ही मेरे लिए संसार हैं. आगे जानिए परिक्रमा से जुड़े अन्य महत्व और विधि…


21drn51



परिक्रमा की विधि- परिक्रमा में यह ध्यान रखें कि भगवान की प्रतिमा आपके दाहिनी ओर होनी चाहिए. यह विधि एक प्रतीक के रूप में होता है जो हमें याद दिलाता रहता है कि हमें अपने जीवन में सदेव धर्म की राह पर ही चलना चाहिए. परिक्रमा करते समय भक्त को घड़ी की सुई की दिशा में घूमना चाहिए. परिक्रमा करते हुए मन की दुविधा को याद करे और भगवान से इसे दूर करने के लिए प्राथना करें. साथी ही परिक्रमा के समय यह जाप करें- ओम् नमः शिवाय्, ओम् नमः शिवाय्.


Read: नए साल पर सुबह उठकर ऐसे करें भगवान को याद… अच्छा बितेगा पूरा साल


कई बार कुछ भक्त मंदिर के मुख्य देवता के सामने खड़े होकर एक गति में घूमते हैं. यह एक प्रतिक है उस पृथ्वी की जो अपने अक्ष पर एक निश्चित लय से घुमती है. वे कम से कम तीन बार ऐसा करते हैं. इसे विधि को आत्मप्रदक्षिणा कहते हैं.


05_11_2013-05azm24c-c-2


परिक्रमा की इस विधि को अंतिम बार हथेलियों को प्रणाम की मुद्रा में एक साथ लाकर और पूर्ण नमन करते हुए इसे समाप्त करना चाहिए. कहा जाता है किसी भी देव प्रतिमा को अपनी पीठ नहीं दिखानी चाहिए. अंतिम नमस्कार मंदिर के ध्वज स्तंभ को किया जाता है, यह मंदिर पर लगा हुआ झंडा होता है.


Read: बुधवार के दिन करें इनकी पूजा और बनाएं अपने सभी कार्य सफल


परिक्रमा की निश्चित संख्या- सभी देवी-देवता के लिए अलग-अलग परिक्रमा की विधि हैं. यदि देव गणेश हैं, तो कम से कम एक परिक्रमा किया जाता है और यदि शिवजी हैं, तो दो परिक्रमा करनी चाहिए. विष्णुजी के लिए आपको तीन बार और दुर्गा माता के लिए 6 से कम परिक्रमा नहीं करनी चाहिए.


मन्दिर


ऐसा माना जाता है कि परिक्रमा की विधि केवल हिन्दू धर्म में ही है परन्तु ऐसा नहीं है. परिक्रमा की विधि दुनिया के कुछ अन्य धर्मों में भी होता है. परिक्रमा के पीछे सभी धर्मों की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं.Next…


Read more:

कौन है जिसने सृष्टिकर्ता ब्रह्मा का सिर काटने का साहस किया, जानिए पुराणों में विख्यात एक हैरतअंगेज रहस्य

गुप्त साधनाओं के लिए मशहूर इन श्मशानों की हकीकत आपके रोंगटे खड़े कर देगी

उड़नतश्तरी में दिखा एलियन का सिर, क्या धरती पर तबाही लाने की कोशिश में हैं दूसरी दुनिया के लोग?



Tags:                     

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran